विद्रोह का प्रयास जनरल वुल्द इब्राहीम ने किया था जो उमर अलबशीर के शासन काल में ब्लू नील क्षेत्र के गवर्नर थे।
सूडान में अलआलम टीवी चैनल के पत्रकार तारिक़ अबू शूरा का कहना है कि जनरल वुल्द इब्राहीम ने उमर अलबशीर के शासन काल में भी विद्रोह किया था जिसका दमन कर दिया गया था। वह इस्लामवादियों के निकटवर्तियों में से हैं और सैनिकों के बीच भी उनका अच्छा ख़ासा प्रभाव है। उमर अलबशीर अपने शासन काल में उनको सज़ा नहीं दिला पाए थे और उन्होंने साएहून नामक गुट के उनके कुछ साथियों को जो देश की सशस्त्र सेना का हिस्सा थे और इस्लामी रुझान रखते थे, माफ़ कर दिया था।
यह दूसरी बार है कि जब वुल्द इब्राहीम ने विद्रोह किया है और इस बार उमर अलबशीर सरकार के सलाहकार मंत्री अली मजूक ने उनका साथ दिया। उनको सूडान और इथोपिया के सीमावर्ती शहर कलाबात में गिरफ़्तार किया गया। वह विदेश में रहते थे और दुबई से अदीस आबाबा लौटे थे और फिर उन्होंने विद्रोह की योजना बनाई थी और आख़िर में गिरफ़्तार हो गये।
अलआलम टीवी चैनल के पत्रकार ने बताया कि सूडान सरकार ने कुछ विद्रोहियों को गिरफ़्तार करने की सूचना दी है और कहा है कि इस बारे में शीघ्र ही जांच के बाद अन्य लोगों को भी गिरफ़्तार कर लिया जाएगा और जनता को विस्तार के साथ बताया जाएगा।
अलआलम के पत्रकार का कहना है कि सूडान में विद्रोह, देश की वर्तमान स्थिति की वजह से हुआ, देश की चरमराई अर्थव्यवस्था ही विद्रोह का कारण थी किन्तु इस्राईल के साथ सूडान के समझौते ने जलती पर तेल का काम किया। अलआलम के पत्रकार से इस्राईल और सूडान के बीच समझौते को विद्रोह की असल वजह क़रार दिया है।
सूडान के मीडिया ने देश के सुरक्षा बलों के हवाले से विद्रोह को विफल बनाने की सूचना दी और कहा कि यह विद्रोह कुछ सैनिकों और इस्लामी रुझान रखने वाले कुछ सेवानिवृत्त कमान्डरों के नेतृत्व में किया गया जिसका नेतृत्व जनरल वुल्द इब्राहीम कर रहे थे।